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पटना में बैन पर, बक्सर में बेरोकटोक बिक रही हैं जहरीली मछलियां ..

मछली को बक्सर तक पहुंचने में कई दिनों का समय लग जाता है. मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें खास तरीके से आइस बॉक्स में पैक किया जाता है, ताकि मछलियां ज्यादा दिन तक सुरक्षित रहें. उन्हें ताजा रखने के लिए बॉक्स के अंदर फॉर्मलीन नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है.

- पटना में बैन, बक्सर में निर्बाध रुप से की जा रही है आंध्रप्रदेश के मछलियों की बिक्री.
- मछलियों के रूप में खुलेआम बिक रहा है जहर बेपरवाह है अधिकारी.


बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: आंध्र प्रदेश से बिहार आने वाली मछलियों ने घातक रसायन फॉर्मलीन की मानक से अधिक मात्रा मिलने के बाद बिहार सरकार ने पटना में इन मछलियों की बिक्री पर रोक लगा दी है लेकिन बक्सर के बाजारों में इन मछलियों की बिक्री निर्बाध गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इन मछलियों के सेवन कई घातक बीमारियां होने की संभावना बढ़ जाती है. वहीं इनके नियमित सेवन से जान तक जा सकती है. हालांकि, प्रशासन द्वारा अब बक्सर में भी इन मछलियों की बिक्री पर रोक लगाने की बात कही जा रही है. परंतु यह रोक कब से होगी यह स्पष्ट नहीं किया जा सका है.

नगर में सात क्विंटल मछलियों की है प्रतिदिन खपत:

नगर में विभिन्न जगहों पर मछली बेचने वाले दुकानदारों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अकेले बक्सर नगर में प्रतिदिन 7 क्विंटल मछलियों की बिक्री की जाती है. जिसमें 5 क्विंटल मछलियां आंध्र प्रदेश की होती हैं. मृत नहर के समीप मछली बेचने वाले धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि आंध्र प्रदेश से आने वाली मछलियों में प्यासी तथा रोहू मछलियां ज्यादा होती है. उन्होंने बताया कि इन मछलियों के क्रेता ज्यादा होते हैं. ऐसे में वह बाहर से अधिक मात्रा में इन मछलियों को मंगाते हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश के गंगा तटीय इलाके से भी मछलियों की आवक होती है. जिनमें बंगुरी, रोहू, तेलहन तथा झींगा मछलियां शामिल होती हैं. लेकिन, उसके खरीदार बहुत कम होते हैं.

दुकानदारों को नहीं है पता मछलियों में है कौन सा ज़हर:

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें पता है कि मछलियों में फॉर्मलीन नामक विषाक्त केमिकल है तो दुकानदार का जवाब ना में था. हालांकि, उसने यह भी कहा कि अगर मछलियों की बिक्री खतरनाक है तो सरकार को चाहिए कि उन पर रोक लगा दे. दुकानदारों का कहना था कि आंध्र प्रदेश की मछलियों पर रोक लगा देने के बाद खपत के अनुसार मछलियों की आवक नहीं हो पाएगी. ऐसे में बिक्री पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा.

आने में लगती है देरी, फ्रेश रखने के लिए किया जाता है प्रयोग:

नगर में मछलियों का मुख्य बाज़ार मृत नहर के पास तथा नगर परिषद मार्केट हैं. बाहर से आने वाली मछलियों को बर्फ के साथ थर्मोकोल के पैकेट में रखा जाता है.नगर में प्रतिदिन करीब 7 क्विंटल मछली की सप्लाई होती है. यहां आंध्र प्रदेश, कोलकाता से मछलियां आती हैं. इन्हें नगर के बाजारों में पहुंचाने में कई दिनों का समय लगता है. भेजने से पूर्व पैकिंग के वक्त आइस बॉक्स में फॉर्मलीन केमिकल डाला जाता है, जो मछलियों को ज्यादा दिन तक फ्रेश लुक देती है.

क्या है फॉर्मलीन:

फॉर्मलिन एल्डिहाइड एक प्रकार का रसायन है, जिसको मृत शरीर को कुछ दिन तक ताज़ा रखने के लिए प्रयोग में लाया जाता है. नगर में ज्यादा मछलियां आंध्र प्रदेश से आती हैं. वहां से मछली को बक्सर तक पहुंचने में कई दिनों का समय लग जाता है. मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें खास तरीके से आइस बॉक्स में पैक किया जाता है, ताकि मछलियां ज्यादा दिन तक सुरक्षित रहें. उन्हें ताजा रखने के लिए बॉक्स के अंदर फॉर्मलीन नामक रसायन का प्रयोग किया जाता है.

हो सकती है कई बीमारियां, जा सकती है जान भी:

वी के ग्लोबल अस्पताल के निदेशक तथा फिजीशियन डॉ वीके सिंह बताते हैं कि फॉर्मेलिन एल्डिहाइड एक टॉक्सिक ड्रग है. अगर यह किसी भी रूप में आपकी शरीर के अंदर जाता है तो उससे कई समस्याओं को देखा जाता है. इससे लीवर डैमेज, आंख पर असर, किडनी डैमेज, न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम, स्कीन प्रॉब्लम, लेजीनेस, इरीटेशन, आंखों मे जलन जैसी समस्याएं हो सकती है. इतना ही नही फॉर्मेलिन एल्डिहाइड से कैंसर तक हो सकता है वहीं इसकी मात्रा ज्यादा होने पर जान भी जा सकती है.

मामले में सदर अनुमंडल पदाधिकारी कृष्ण कुमार उपाध्याय ने बताया कि पटना में मछलियों की बिक्री बंद होने के के बाद बक्सर में भी मछलियों की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी की जा रही है. मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के आलोक में शीघ्र ही इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी तथा इसके बाद भी अगर कोई इन मछलियों की बिक्री करता हुआ पाया गया तो छापेमारी कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

वहीं जिला मत्स्य पदाधिकारी कांति कुमारी ने बताया कि मछलियों की बिक्री को लेकर किसी प्रकार की रोक की बात बक्सर में नहीं कहीं गई है. अगर इस तरह का निर्देश मिलता है तो मछलियों की बिक्री पर रोक जरूर लगाई जाएगी.













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