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8 Nov 2018

Buxar Top News: वीडियो: भारत माता के जयकारों के बीच राजकीय सम्मान के साथ शहीद को दी गयी अंतिम विदाई, विद्यार्थी परिषद ने याद में जलाए दीप ..

इससे पहले पूरे गांव में वीर सैनिक की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सभी लोग शामिल हुए. स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. 


देखें वीडियो: 
- राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार.
- पूर्व सैनिक संघ के सदस्यों समेत शामिल हुए राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व समाजसेवी.

बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: एक तरफ देश में जहाँ कल दीपावली की धूम रही वहीं इसी दिन बक्सर में माहौल गमगीन रहा. लोगों की आंखे नम थी. ये मातमी सन्नाटा था शहीद शैलेन्द्र कुमार सिंह के अंतिम विदाई का. नगर के चरित्रवन स्थित श्मशान घाट पर लोगों ने इस वीर पुत्र का अंतिम संस्कार किया.

इस दौरान राजनीतिक दलों के नेताओं और सामाजिक वर्ग के लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. सैनिक संघ के अध्यक्ष रामनाथ सिंह समेत अन्य सदस्य भी श्मशान घाट पर पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल हुए. इससे पहले पूरे गांव में वीर सैनिक की अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सभी लोग शामिल हुए. स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान लोगों ने वीर शैलेंद्र अमर रहे तथा भारत माता के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान कर दिया.

गौरतलब है कि सोमवार को सैनिक कार्रवाई के दौरान ट्रक से एक ऑपरेशन में जाने के दौरान दुर्घटना में डुमराँव के कसियाँ के रहने वाले वीरेंद्र कुमार सिंह के पुत्र शैलेन्द्र कुमार सिंह की मौत हो गई. बताया जाता है कि पांच वर्ष पूर्व शैलेन्द्र कुमार सिंह की नौकरी लगी थी. वे राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे. तीन वर्ष पहले उनकी शादी हुई थी. लेकिन ऐसी अनहोनी होगी यह किसी को पता नहीं था.


सैकड़ों दीप जलाकर बक्सर के शहीद को दी गई श्रद्धांजलि
     
सुबह में शहीद जवान को सैकड़ों दीप जलाकर श्रद्धांजलि दी गई. विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बक्सर के पीपरपांती रोड में सैनिक की याद में दिवाली की सुबह सैकड़ों दीप जलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

इस श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बताया कि शहीदों की शहादत को याद करते हुए उनके सम्मान में दीप जलाकर हम सब श्रद्धांजलि दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि भारत सैनिकों के सोच एवं सपनों का देश बने. हम लगतार इसके लिए प्रयास भी कर रहे है. इस शहादत से दुख के साथ लोगों को अपने लाल पर गर्व भी है. उनका कहना है कि जिले के एक और लाल देश के काम आया.























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