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9 Nov 2018

Buxar Top News: जिसका कोई नहीं उसका तो खुदा है .. ठंड में ठिठुरते बेसहारा किशोर को मिला सहारा ..

डॉ. दिलशाद ने बताया कि बच्चा दोनों हाथों से दिव्यांग है. बच्चे के माता पिता का पता लगाने की कोशिश की जा रही है तब तक उसे यतीमखाने में ही रखा गया है

- बक्सर रेलवे स्टेशन के बाहर ठंड से ठिठुर रहा था दिव्यांग किशोर

- मा तालीमी मरकज यतीम खाने में रखा गया है किशोर.



बक्सर टॉप न्यूज़, बक्सर: सदैव बेसहारों का सहारा बनने वाले साबित खिदमत फाउंडेशन ने एक बार फिर एक बेसहारे को सहारा दिया है. रेलवे स्टेशन के बाहर ठंड में ठिठुर रहे एक दिव्यांग किशोर को साबित खिदमत फाउंडेशन के माँ तालीमी मरकज यतीम खाने में रखा गया है.

दरअसल, स्थानीय रेलवे स्टेशन के बाहर ठंड दर्द भरी रात में एक दिव्यांग किशोर किसी तरह ठंड से राहत पाने की कोशिश में ठिठुर रहा था. किशोर को देखने वाले तो बहुत लोग थे लेकिन पास जाकर उसकी मदद करने या उसके बारे में जाने वाला कोई नहीं था. उसी समय साबित खिदमत फाउंडेशन के संस्थापक डॉक्टर दिलशाद आलम उधर से गुजर रहे थे. उन्होंने जब किशोर की स्थिति देखी तो उससे उसका नाम पता पूछा. हालांकि, वह अपना नाम पता स्पष्ट बता पाने में असक्षम था. बाद में काफी पूछे जाने पर उसने बताया कि वह कैमूर जिले का रहने वाला है तथा उसके पिता का नाम घनश्याम है. हालांकि, वह यह नहीं बता पाया कि वह बक्सर कैसे पहुंचा. जिसके बाद उसे चीनी मिल स्थित यतीमखाने में लाया गया, जहां उसे फिलहाल रखा गया है. डॉ. दिलशाद ने बताया कि बच्चा  हाथ से दिव्यांग है. बच्चे के माता पिता का पता लगाने की कोशिश की जा रही है तब तक उसे यतीमखाने में ही रखा गया है. जहाँ उसकी सुख-सुविधा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है.























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