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8 Oct 2018

Buxar Top News: उत्तराखंड को हर्बल स्टेट घोषित करने की जरुरत - अश्वनी कुमार चौबे।



यहां की जड़ी बूटियों की पहचान हो, उसकी पैकेजिंग हो, और निर्यात हो इसके लिए यह नितांत आवश्यक है कि, उत्तराखंड को हर्बल स्टेट घोषित किया जाए. 

- उत्तराखंड में स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र के निवेशकों के सम्मेलन में शामिल हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री.
- कहां उत्तराखंड के विकास के लिए तत्पर है सरकार.


बक्सर टॉप न्यूज़,बक्सर: उत्तराखंड में स्वास्थ्य देख-रेख और चिकित्सा के क्षेत्र में अनंत संभावनाएं है. उत्तराखंड में अनमोल एवं दुर्लभ जड़ी बूटियों के भंडार हैं. यहां की जड़ी बूटियों की पहचान हो, उसकी पैकेजिंग हो, और निर्यात हो इसके लिए यह नितांत आवश्यक है कि, उत्तराखंड को हर्बल स्टेट घोषित किया जाए. ये बातें बक्सर सांसद केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने उत्तराखंड में स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र के निवेशकों के सम्मेलन में कही.


उन्होंने कहा कि विपुल प्राकृतिक संपदा के अलावा यहां 485 एकड़ जमीन चिकित्सा जड़ी-बूटी क्षेत्र बनाया गया है. जिसके लिए केंद्र सरकार ने 386 लाख रुपये की सहायता दी है. इसके अलावे 330 लाख रुपये भारत सरकार द्वारा चिकित्सा जड़ी बूटियों के संरक्षण और विकास के लिए दिए गए. भारत सरकार उत्तराखंड राज्य में आयुष पद्धति आयुर्वेद यूनानी और अन्य प्राकृतिक चिकित्सा के प्रोत्साहन एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है. राष्ट्रीय आयुष मिशन की स्थापना भी इसी उद्देश्य की पूर्ति से की गई है.  ताकि आयुष सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके. उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा हल्द्वानी में 150 बिस्तर के आयुष अस्पताल और हरिद्वार में यूनानी कॉलेज खोलने की स्वीकृति स्वास्थ्य मिशन के तहत दी है. इसके लिए प्रथम सहायता किस्त निर्गत हो चुकी है और शेष राशि भी निर्गत होगी, जैसे ही राज्य सरकार इसकी मांग रखेगी.


उन्होंने बताया कि देशभर में डेढ़ लाख स्वास्थ्य आरोग्य केंद्र, नैदानिक और जरूरी दवाओं और चिकित्सकों से पूर्ण होकर वर्ष 2022 तक स्थापित हो इसी वर्ष शुरू हो जाएंगे. राज्य मंत्री ने बताया कि इसी वर्ष 15 हज़ार से से भी ज्यादा केंद्र शुरू हो जाएंगे. उत्तराखंड में 40 स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र शुरू हो चुके हैं और वर्ष के अंत तक इनकी संख्या 376 हो जाएगी. इस वित्तीय वर्ष में भारत सरकार ने उत्तराखंड को 1659.20 लाख रुपयों की स्वीकृति प्रदान की है.

श्री चौबे ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत भी प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक प्रति परिवार निशुल्क चिकित्सा अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही है. इससे 50 करोड़ से भी ज्यादा और 40% देश की जनता लाभान्वित होगी.  उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार में आयुष्मान भारत जैसी योजना का निर्णय लिया था ताकि भारत आरोग्य और समृद्ध हो. उन्होंने बताया कि देश के 29 राज्य और सभी केंद्र शासित राज्य इस स्कीम में सम्मिलित हो चुके हैं 10 हज़ार से भी ज्यादा अस्पतालों ने एंपैनल होने के लिए आवेदन दिए हैं. भारत सरकार भी विचार कर रही है कि आयुष अस्पतालों को किस प्रकार से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य में शामिल किया जाए.


 उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने राज्य के सर्वाधिक और सतत विकास के लिए जो बेतिया अभी निर्मित की है उसे उत्तराखंड में निश्चित रूप से निवेश बढ़ेगा तथा रोजगार के अवसरों का सृजन होगा. साथ ही राज्य के आध्यात्मिक धरोहर तथा पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा.




















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